फिल्म ‘मी रक्सम’ की समीक्षा
कला के बंटवारे के खिलाफ खड़ी फिल्म राजीव रंजन निर्देशक : बाबा आजमी कलाकार: नसीरुद्दीन शाह , दानिश हुसैन , श्रद्धा कौल , राकेश चतुर्वेदी ओम , अदिति सुबेदी , सुदीप्ता सिंह , कौस्तुभ शुक्ला , फारुक जफर तीन स्टार जा हिद-ए-तंग नजर ने काफिर जाना मुझे काफिर ये समझता है मुसलमां हूं मैं।’ जो भी लोग धार्मिक रुढ़ियों को तोड़ अलग लीक बनाने की कोशिश करते हैं , उन्हें अपने समाज की नाराजगी तो झेलनी ही पड़ती है , दूसरे पक्ष के कुछ ठेकेदार भी उनको उपेक्षा की नजर से देखते हैं। इससे कुछ लोग तो घबराकर हार मान लेते हैं , लेकिन कुछ लोग डटे रहते हैं। ऐसे ही लोग समाज में नई परंपराओं को जन्म देते हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘ जी 5’ पर रिलीज हुई बाबा आजमी द्वारा निर्मित और निर्देशित फिल्म ‘ मी रक्सम ’ इसी का संदेश देती है। इस फिल्म का नाम भी सांस्कृतिक समन्वय का संदेश देता है , जो अंग्रेजी , अरबी-फारसी और संस्कृत की ध्वनियों से युक्त है। यह फिल्म भारत की गंगा-जमुनी तहजीब के खूबसूरत रंगों को पर्दे पर बिखेरती है। यह फिल्म ग...