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सौ करोड़ नहीं, अब दो सौ करोड़ का दौर

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राजीव रंजन अगर किसी के अच्छे दिन चल रहे हैं, तो वह है बॉलीवुड। कोई मंदी लोगों के सिनेमाप्रेम के आड़े नहीं आ रही है। अपवादों को छोड़ दें, तो फिल्म अगर थोड़ी भी ठीक हुई, उसे दर्शकों ने शाबासी दी। ऐसा लग रहा है कि लोग फिल्में देखने के लिए उत्सुक हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दो बड़ी फिल्में रिलीज हुई थीं। अक्षय कुमार की ‘मिशन मंगल’ और जॉन अब्राहम की ‘बाटला हाउस’। दो बड़ी फिल्मों के एक ही दिन रिलीज होने के बावजूद दर्शकों ने उन्हें हाथोंहाथ लिया। ‘मिशन मंगल’ तो अक्षय की पहली ‘दो सौ करोड़ी’ और अब तक की सबसे कमाऊ फिल्म है। वहीं ‘बाटला हाउस’ ने भी 100 करोड़ के करीब कारोबार किया। इन दोनों के बाद आई ‘साहो’ ने भी कमजोर कंटेंट के बावजूद प्रभास और अपने एक्शन के दम पर केवल हिंदी में 149 करोड़ रुपये कमाए। बॉक्स ऑफिस पर मुद्राओं की बरसात इसके बाद भी जारी रही। ‘छिछोरे’ ने अपने कंटेंट के दम पर 150 करोड़ से ज्यादा कमाए और सुशांत सिंह राजपूत की सबसे सफल फिल्म बनी। फिर आयुष्मान खुराना की ‘ड्रीम गर्ल’ ने सिर्फ कॉमेडी की बदौलत 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर आई हृतिक रोशन और ...

अभिनय को देखो, चेहरा न देखो

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राजीव रंजन मायानगरी की मायावी दुनिया अब अपना चेहरा बदल रही है। इस मायावी दुनिया के द्वार पर यथार्थ पिछले कुछ सालों से लगातार दस्तक हो रही थी। ये दस्तक उन कलाकारों, फिल्मकारों की थी, जो इस चकाचौंध भरी नगरी के बने-बनाए खांचों में फिट नहीं होते थे, लेकिन उनके पास एक अलग शैली थी, कुछ अलग-सी कहानियां थीं। वह दस्तक मायानगरी के अंदर सुनी तो जा रही थी, लेकिन उसके पट नहीं खुल रहे थे। हां, 2017 में इस दस्तक से द्वार की सांकल जरूर खुल गई थी और ‘फुकरे रिटन्र्स’, ‘न्यूटन’, शुभ मंगल सावधान, बरेली की बर्फी, लिपस्टिक अंडर माई बुर्का जैसी फिल्में न सिर्फ आलोचकों द्वारा सराही गईं, बल्कि व्यावसायिक रूप से भी हिट रहीं। इनमें काम करने वाले कलाकार लोगों के जेहन में उतरने लगे। इन फिल्मों के निर्देशकों को लोग जानने लगे। वर्ष 2018 ने बाकी का काम पूरा कर दिया और दरवाजे को पूरी तरह खोल दिया। अगर आप इस साल की फिल्मों और उनमें का करने वाले कलाकारों पर नजर डालें तो एक नया-सा कोलाज दिखाई देगा। उस कोलाज में स्टारों के चेहरे इक्का-दुक्का ही नजर आएंगे। उस कोलाज में ऐसे चेहरे नजर आएंगे, जिनकी पहचान उनकी सूरत नहीं,...