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वेब सिरीज ‘माफिया’ की समीक्षा

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अतीत के भूत और जंगल में अमंगल राजीव रंजन निर्देशक : बिरसा दासगुप्ता कलाकार: नमित दास ,  अनिंदिता बोस ,  मधुरिमा रॉय ,  सौरभ सारस्वत ,  तन्मय धनानिया ,  ईशा एम साहा ,  आदित्य बख्शी ,  अंकिता चक्रवर्ती ,  रिद्धिमा घोष ,  सायन बनर्जी ,  दीपक हलदर ,  एकावली खन्ना स्टार-  3.5 कई बार आपका अतीत आपके वर्तमान को तहस-नहस कर देता है। वर्षों से गड़े मुर्दे अचानक आपके सामने आकर खड़े हो जाते हैं और आपकी जिंदगी में ऐसी उथल-पुथल मचा देते हैं कि आप कल्पना भी नहीं कर सकते। ओटीटी प्लेटफॉर्म जी 5  पर स्ट्रीम हो रही वेब सिरीज  ‘ माफिया ’  की कहानी कुछ ऐसा कहने की कोशिश करती है। कॉलेज के छह जिगरी दोस्त- नेहा (अनिंदिता बोस) ,  ऋत्विक (सौरभ सारस्वत) ,  तान्या (मधुरिमा रॉय) ,  ऋषि (तन्मय धनानिया) ,  अनन्या (ईशा एम साहा) और सैम(आदित्य बख्शी) छह साल बाद झारखंड के मधुबन में मिलने की योजना बनाते हैं। तान्या की सगाई का जश्न मनाने के लिए और अपने पुराने मतभेदों को भुलाकर दोस्ती की नई इबारत लिखने के लिए। दरअसल ,...

फिल्म ‘सेक्शन 375’ की समीक्षा

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न्याय प्रक्रिया के छिद्रों में झांकती फिल्म राजीव रंजन निर्देशक: अजय बहल कलाकार: अक्षय खन्ना, रिचा चड्ढा, राहुल भट्ट, मीरा चोपड़ा, कृतिका देसाई 3 स्टार कहते हैं कि जो दिखता है, जरूरी नहीं कि सच हो। हो सकता है कि सच परतों के नीचे दबा हो, और जो दिख रहा हो, वह  अर्द्धसत्य  हो, या झूठ भी हो। सच कोे ऊपर लाने के लिए परतों को उघाड़ना पड़ता है। फिल्म ‘सेक्शन 375’ यही काम करती है। वह भी सधे तरीके से। भारतीय दंड संहिता की धारा 375 रेप को परिभाषित करती है कि अगर किसी महिला की इच्छा के विरुद्ध, उसकी सहमति के बगैर, जबरदस्ती, दबाव देकर, धोखाधड़ी कर या जब वह नशे में की हालत में हो, मानसिक रूप से ठीक हालत में नहीं हो और अगर उसकी उम्र 18 वर्ष से कम हो, तो उसके यौन संबंध स्थापित करना रेप है।’ फिल्म की कहानी इसी धारा की बुनियाद पर बुनी गई है। रोहन खुराना (राहुल भट्ट) एक बड़ा निर्देशक है। उस पर अपनी यूनिट में काम करने वाली एक जूनियर कॉस्ट्यूम असिस्टेंट अंजलि दांगले (मीरा चोपड़ा) के रेप का आरोप लगता है। सबूत इतने सशक्त और स्पष्ट हैं कि रोहन को 10 साल की सजा हो जाती है। वह अपनी पत्नी कायना...

फिल्म 2.0 की समीक्षा

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तकनीक के जरिये तकनीक के खतरों की बात राजीव रंजन निर्देशक:  एस. शंकर बैनर:  लाइका प्रोडक्शंस कलाकार:  रजनीकांत, अक्षय कुमार, एमी जैक्सन, आदिल हुसैन, कैजाद कोतवाल, सुधांशु पांडेय संगीत:  ए.आर. रहमान ढाई स्टार (2.5 स्टार) तकनीकी प्रगति ने मनुष्य को बहुत सुविधाएं मुहैया कराई हैं, तो बहुत सारी परेशानियां भी पैदा की हैं। पर इसमें दोष तकनीक का नहीं, बल्कि उसके गलत इस्तेमाल का है। ‘रोबोट’ जैसी तकनीकी दृष्टि से उन्नत फिल्म के निर्देशक शंकर ने यह बात इसी फिल्म के सीक्वल ‘2.0’ के जरिये कहने की कोशिश की है। दरअसल, मनुष्य ने अपनी तात्कालिक जरूरतों की पूर्ति के लिए खुद पर मंडरा रहे दीर्घकालीन खतरों के प्रति आंखें मूंद ली हैं। आज मोबाइल लोगों के जीवन की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है, लेकिन इसका रेडिएशन कितना बड़ा खतरा बन सकता है, हम इस पर थोड़ा भी सोचने को तैयार नहीं। जो एकाध लोग सोच रहे हैं, उनकी सुनने को कोई तैयार नहीं। ‘2.0’ की कहानी इसी विषय के ईर्द-गिर्द बुनी गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अपने नायाब नमूने चिट्टी (रजनीकांत) को विघटित करने के बाद डॉ. वशीकरण (रजनी...