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भूत: पार्ट वन- द हॉन्टेड शिप की समीक्षा

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फिर वही पुरानी कहानी राजीव रंजन कलाकार: विक्की कौशल ,  भूमि पेडणेकर ,  आशुतोष राणा ,  आकाश धर ,  मेहर विज ,  संजय गुरबक्शानी निर्देशक: भानू प्रताप सिंह निर्माता: करण जौहर और हीरू जौहर स्टार- 2.5 बॉलीवुड में हॉरर फिल्में बनती रहती हैं ,  लेकिन उनमें याद रखने लायक इक्का-दुक्का ही हैं। दरअसल हॉरर जैसे रोमांचक विषय को बॉलीवुड में अब तक बहुत ढंग से पेश नहीं किया है। अभी भी इसमें काफी स्कोप है। रामसे ब्रदर्स के बाद विक्रम भट्ट ,  एकता कपूर ने इस तरह की कुछ फिल्में बनाई हैं ,  या फिर कभी-कभी कुछ छोटे बैनरों ने हॉरर फिल्में बनाई हैं। लेकिन बॉलीवुड के जो टॉप बैनर हैं ,  उन्होंने इस विधा को बहुत गंभीरता से लिया नहीं है। हां ,  रामगोपाल वर्मा ने जरूर इस विधा में  ‘ रात ’  और  ‘ भूत ’  जैसी कुछ बेहतरीन फिल्में दी हैं। अब करण जौहर जैसे बड़े निर्माता-निर्देशक के  ‘ धर्मा प्रोडक्शंस ’  ने भी पहली बार इस तरह की फिल्म बनाई है-  ‘ भूत: पार्ट वन- द हॉन्टेड शिप ’ । यह कहानी है एक अभिशप्त जहाज की। पृथ्वी (व...

फिल्म ‘सोनचिड़िया’ की समीक्षा

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चंबल के डाकुओं और उस समय का सच राजीव रंजन कलाकार: मनोज बाजपेयी ,  सुशांत सिंह राजपूत ,  रणवीर शौरी ,  भूमि पेडणेकर ,  आशुतोष राणा निर्देशक: अभिषेक चौबे तीन स्टार ( 3  स्टार) करीब  20  साल पहले भिंड जिले (चंबल क्षेत्र) के निवासी एक दोस्त से डकैती फिल्मों पर बात हो रही थी। उसने व्यंग्य से कहा कि हिन्दी फिल्मों में बीहड़ के डाकुओं को घोड़े पर बैठ कर आते-जाते दिखाया जाता है। बॉलीवुड वाले चंबल देख लें ,  तो उनको समझ में आ जाएगा कि सच्चाई क्या है। डाकुओं के जीवन पर बॉलीवुड में ढेर सारी फिल्में बनी हैं और सफल भी रही हैं।  60  और  70  के दशक में तो ऐसी फिल्मों की भरमार थी। इन फिल्मों ने डाकुओं की छवि जो जनमानस में पेश की ,  वह सच्चाई से कोसों दूर है। इस प्रचलित छवि को तोड़ने का काम शेखर कपूर निर्देशित  ‘ बैंडिट क्वीन ’  और तिग्मांशु धूलिया निर्देशित  ‘ पान सिंह तोमर ’  ने किया। अभिषेक चौबे निर्देशित  ‘ सोनचिड़िया ’  भी काफी हद तक यह काम करती है। एक दौर था ,  जब चंबल के बीहड़ों में डाकु...